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उभाई में नाबालिग आदर्श के मौत प्रकरण की जांच बाल कल्याण समिति से भी कराने की भाजपा नेता ने किया मांग

उभाई में नाबालिग आदर्श के मौत प्रकरण की जांच बाल कल्याण समिति से भी कराने की भाजपा नेता ने किया मांग

अमित पाण्डेय/संवाददाता बस्ती
दुबौलिया थाना अंतर्गत उभाई गांव में 25 मार्च की रात से ही पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने हेतु संघर्षरत जनपद के चर्चित समाजसेवी व भाजपा नेता ने जहां 25 मार्च की रात को ही बिना एफआईआर नाबालिग को 24 घंटे से अधिक बैठाये जाने को लेकर उच्चाधिकारियों को घेरते हुए आरोपित दो सिपाहियों को न केवल लाइन हाजिर करा दिया था अपितु 25 मार्च को मृत आदर्श के पीड़ित पिता ओमप्रकाश उपाध्याय को साथ ले जाकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व चेयरपर्सन बाल कल्याण समिति को प्रार्थना पत्र दिलाते हुए तत्काल पोस्टमार्टम वीडियो ग्राफी से कराये जाने व घटना की जांच मजिस्ट्रेट से कराये जाने का आदेश दोपहर में ही करा दिया था व बाल कल्याण समिति से भी प्रकरण के जांच की मांग किया था उक्त प्रकरण में आज एक बार पुनः जिलाधिकारी बस्ती से मिलकर मामले की जांच बाल कल्याण समिति व जेजे बोर्ड से कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि ग्राम उभाई, थाना दुबौलिया, जनपद बस्ती के निवासी ओमप्रकाश उपाध्याय के 16 वर्षीय नाबालिग बेटे आदर्श को दुबौलिया पुलिस बिना परिजनों को सूचित किए 24 मार्च की शाम थाने पर ले गई व परिजनों के अनुसार उसे मारा पीटा व धमकाया बाद में 25 तारीख को उसके विरूद्ध किसी के शिकायती पत्र का हवाला देकर मारपीट व छिनैती का मुकदमा पंजीकृत किया व परिजनों से उनके बेटे के रिहाई हेतु 5000 रूपए का मांग किया सूचना पर मृतक की मां थान्हे पहुंची व पैसा देने में असमर्थता जताई तो कुछ समय बाद कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराकर मृत आदर्श को छोड़ दिया परिजनों के ही अनुसार जब आदर्श घर पहुंचा तो परिजनों ने देखा कि उसे खून की उल्टी हो रही है फौरन उसे लेकर परिजन व ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया पहुंचे जहां काफी प्रयास के बाद भी जब उसके हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने रेफर कर दिया किन्तु इसके पहले कि परिजन बेटे को लेकर कहीं पहुंचते उसकी मौत हो चुकी थी निश्चित तौर पर उसकी मौत या तो पुलिसिया उत्पीड़न से हुई या सदमे में आकर हार्टअटैक से हुआ है यदि कतिपय कारणों से ऐसा नहीं है तो भी बिना विधिक प्रकृया के बिना परिजनों को बिना बताये 24 घंटे से अधिक नाबालिग को थान्हे में बैठाना धमकाना बाल अधिकार अधिनियम व जेजे बोर्ड के निर्देशों की अवहेलना है। श्री पाण्डेय ने जिलाधिकारी को बताया कि उक्त के संदर्भ में बीते 26 मार्च 2025 को भी हम लोगों ने पीड़ित पिता के साथ आपको व चेयरपर्सन बाल कल्याण बस्ती तथा पुलिस अधीक्षक बस्ती को प्रार्थना पत्र दिलाते हुए घटना की गहन जांच सुनिश्चित कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग किया था व पोस्टमार्टम के वीडियो ग्राफी का भी मांग किया था जिसके क्रम में मजिस्ट्रेट्रियल जांच टीम गठित हुआ व पीएम का वीडियो ग्राफी भी हुआ किन्तु शुरू से ही मेरा मानना है कि घटना की जांच बाल कल्याण समिति द्वारा कराया जाये क्योंकि प्रथम दृष्टया दोष अपराध बाल अधिकार अधिनियम के ही हनन का परिलक्षित हो रहा है ।
ऐसे में एस ओ दुबौलिया सहित सभी दोषी पुलिसकर्मियों के कृत्यों की जांच मजिस्ट्रेट स्तर के साथ साथ बाल कल्याण समिति से भी कराते हुए दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज कराकर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कराया जाना नितांत आवश्यक है जिससे पीड़ित परिजन को न्याय तो मिले ही निकट भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति भी न हो जिलाधिकारी ने मांगपत्र को गंभीरता से लेते हुए जेजे बोर्ड व बाल कल्याण न्यास से प्रकरण के जांच हेतु अनुरोध पत्र जारी कर दिया श्री पाण्डेय ने कहा कि निश्चित आज नहीं तो कल जांचोपरांत दोषियों पर कार्यवाही होगी इस मौके पर श्री पाण्डेय के साथ महेंद्र प्रताप सिंह, जगतबली सिंह,चन्द्र प्रकाश तिवारी, विवेक दूवे, राजीव पाण्डेय, कृष्ण मोहन शुक्ल, पशुपतिनाथ व सुनील सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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